गुरुवार, 29 मई 2014
सोमवार, 5 नवंबर 2012
हिन्दी व्याकरण
वर्णमाला
संस्कृत में हर अक्षर, स्वर और व्यंजन के संयोग से बनता है, जैसे कि “क” याने क् (हलन्त) अधिक अ । “स्वर” सूर/लय सूचक है, और “व्यंजन” शृंगार सूचक । संस्कृत वर्णॅ-माला में 13 स्वर, 33 व्यंजन और 2 स्वराश्रित ऐसे कुल मिलाकर के 49 वर्ण हैं । स्वर को ‘अच्’ और ब्यंजन को ‘हल्’ कहते हैं ।
अच् – 14
हल् – 33
स्वराश्रित – 2
14 स्वरों में से 5 शुद्ध स्वर हैं; अ, इ, उ, ऋ, लृ
और 9 अन्य स्वर: आ, ई, ऊ, ऋ, लृ, ए, ऐ, ओ, औ
मुख के अंदर स्थान-स्थान पर हवा को दबाने से भिन्न-भिन्न वर्णों का उच्चारण होता है । मुख के अंदर पाँच विभाग हैं, जिनको स्थान कहते हैं । इन पाँच विभागों में से प्रत्येक विभाग में एक-एक स्वर उत्पन्न होता है, ये ही पाँच शुद्ध स्वर कहलाते हैं । स्वर उसको कहते हैं, जो एक ही आवाज में बहुत देर तक बोला जा सके ।
33 व्यंजनों में 25 वर्ण, वर्गीय वर्ण हैं याने कि वे पाँच–पाँच वर्णों के वर्ग में विभाजित किये हुए हैं । बाकी के 8 व्यंजन विशिष्ट व्यंजन हैं, क्यों कि वे वर्ग़ीय व्यंजन की तरह किसी एक वर्ग में नहीं बैठ सकतें । वर्गीय व्यंजनों का विभाजन उनके उच्चारण की समानता के अनुसार किया गया है ।
* कंठ से आनेवाले वर्ण “कंठव्य” कहलाते हैं उ.दा. क, ख, ग, घ
* तालु की मदत से होनेवाले उच्चार “तालव्य” कहलाते हैं उ.दा. च, छ, ज, झ
* ‘मूर्धा’ से (कंठ के थोडे उपर का स्थान) होनेवाले उच्चार “मूर्धन्य” हैं उ.दा. ट, ठ, ड, ढ, ण
* दांत की मदत से बोले जानेवाले वर्ण “दंतव्य” हैं उ.दा. त, थ, द, ध, न; औ
* होठों से बोले जानेवाले वर्ण “ओष्ठव्य” कहे जाते हैं उ.दा. प, फ, ब, भ, म
कंठव्य / ‘क’ वर्ग – क् ख् ग् घ् ङ्
तालव्य / ‘च’ वर्ग – च् छ् ज् झ् ञ्
मूर्धन्य / ‘ट’ वर्ग – ट् ठ् ड् ढ् ण्
दंतव्य / ‘त’ वर्ग – त् थ् द् ध् न्
ओष्ठव्य / ‘प’ वर्ग – प् फ् ब् भ् म्
विशिष्ट व्यंजन - य् व् र् ल् श् ष् स् ह्
स्वर और व्यंजन के अलावा “ं” (अनुस्वार), और ‘ः’ (विसर्ग) ये दो ‘स्वराश्रित’ कहे जाते हैं, और इनके उच्चार कुछ खास नियमों से चलते हैं जो आगे दिये गये हैं ।
इन 49 वर्णों को छोडकर, और भी कुछ वर्ण सामान्य तौर पे प्रयुक्त होते हैं जैसे कि त्र, क्ष, ज्ञ, श्र इत्यादि । पर ये सब किसी न किसी व्यंजनों के संयोग से बने गये होने से उनका अलग अस्तित्व नहि है; और इन्हें संयुक्त वर्ण भी कहा जा सकता है ।
‘य’, ‘व’, ‘र’, और ‘ल’ ये विशिष्ट वर्ण हैं क्यों कि स्वर-जन्य (स्वरों से बने हुए) हैं, ये अन्तःस्थ व्यञ्जन भी कहे जाते हैं । देखिए:
इ / ई + अ = य (तालव्य)
उ / ऊ + अ = व (दंतव्य तथा ओष्ठव्य)
ऋ / ऋ + अ = र (मूर्धन्य)
लृ / लृ + अ = ल (दंतव्य)
इनके अलावा ‘श’, ‘ष’, और ‘स’ के उच्चारों में बहुधा अशुद्धि पायी जाती है । इनके उच्चार स्थान अगर ध्यान में रहे, तो उनका उच्चारण काफी हद तक सुधारा जा सकता है ।
श = तालव्य
ष = मूर्धन्य
स = दंतव्य
ह = कण्ठ्य
ये चारों ऊष्म व्यंजन होने से विशिष्ट माने गये हैं ।
बुधवार, 15 अगस्त 2012
वैदिक गणित (Vedic Maths)
एकन्यूनेन पूर्वेन विधि (Eknunen Purven method)
- इस विधि का उपयोग 9, 99, 999,................................ आदि संख्यों का वर्ग निकालने के लिए किया जाता है।
- ऊपर दी गई संख्यों का वर्ग निकालने के सबसे पहले बायी ओर (Left Hand Side) के लिये संख्या का एक न्यूनेन अर्थात एक पहली वाली संख्या लिखते है - जैसे :- 9 के लिए 8, 99 के लिए 98, 999 के लिए 998
- दायी ओर (Right Hand Side) के लिये दी गई संख्या तथा उस संख्या का एक न्यूनेन का अंतर लेते है जैसे :- 9 के लिए 9 - 8 = 1, 99 के लिए 99 - 98 = 01, 999 के लिए 999 - 998 = 001
= एक न्यूनेन । संख्या - एक न्यूनेन
उदाहरण
(1.) 999 ² = 999 X 999
= 998 । 999 - 998
= 998 । 001
Ans. 999 ² = 998001
(2.) 9 ² = 9 X 9
= 8 । 9 - 8= 8 । 1
Ans. 9 ² = 81
(3.) 99 ² = 99 X 99
= 98 । 99 - 98
= 98 । 01
Ans. 999 ² = 9801
= 98 । 99 - 98
= 98 । 01
Ans. 999 ² = 9801
सोमवार, 18 जून 2012
मध्य प्रदेश एक दृष्टि में
- भौगोलिक स्थिति 21° 6 ' उत्तरी अक्षांश से 26° 54 ' उत्तरी अक्षांश तथा 74° पूर्वी देशांतर से 82° 47' पूर्वी देशांतर तक है।
- लंबाई पूर्व से पश्चिम 870 km तथा चौड़ाई उत्तर से दक्षिण 605 km तथा क्षेत्रफल 308,245 हजार वर्ग km,
- भारत के क्षेत्रफल का 9.38%, तथा क्षेत्रफल की दृष्टि मे देश मे दूसरा बड़ा राज्य।
- सीमा 5 राज्य - उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र तथा छत्तीसगढ़ से घिरा हुआ है।
- भू-वैज्ञानिक दृष्टि से यह गोंडवानालैंड भू-श्रंखला का भाग है।
- राज्य वृक्ष - " बरगद (वट या बड़) ", राज्य पशु -" बारहसिंगा " तथा राज्य पक्षी- " दूधराज " है।
- चम्बल को डाकुओं की शरणस्थली कहा जाता है।
- शिवपुरी तथा बामौर मे खैर से कत्था बनाने का कारख़ाना है।
- चंदेरी नगर जरी उद्योग के लिए प्रसिद्ध है।
- पन्ना जिला हीरा के लिए प्रसिद्ध है।
- रीवा मे कत्था, सतना मे सीमेंट बनाने का कारख़ाना है।
- शहडोल जिले का बांधवगढ़ बघेलों की राजधानी थी।
- सागर छतरपुर में यूरेनियम मिलने की संभावना है।
- छिंदवाड़ा मे भिलावा से स्याही बनाने का कारख़ाना है।
- उमरिया मे लाख बनाने का शासकीय कारख़ाना है।
- ग्वालियर मे दियासलाई ( माचिस ) बनाने का कारख़ाना है।
- लकड़ी चिराई उद्योग का प्रमुख केंद्र जबलपुर है।
- सोयाबीन राज्य मध्य प्रदेश को कहते है, सबसे ज्यादा सोयाबीन का उत्पादन उज्जैन मे होता है।
- मंदसौर देश मे प्रथम अफीम उत्पादक जिला है।
- खंडवा राज्य का एक मात्र गाँजा उत्पादक क्षेत्र है।
- मध्य प्रदेश का स्थापना 1 नवम्बर 1956 को हुआ अतः 1 नवम्बर को प्रतिवर्ष मध्य प्रदेश दिवश मनाया जाता है।
- मध्य प्रदेश का पुनर्गठन सैयद फजल अली की अध्यक्षता मे राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफ़ारिश पर किया गया।
- 1 नवम्बर 2000 को छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश से अलग हुआ।
- मध्य प्रदेश का प्रथम राज्यपाल पट्टाभिसीतारमैया थे।
- प्रथम मुख्यमंत्री पं. रविशंकर शुक्ल, प्रथम विधानसभा अध्यक्ष पं. कुंजीलाल, प्रथम विधानसभा उपाध्यक्ष विषाणु विनायक सरवटे।
- सबसे लंबे समय तक के लिए मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह तथा सबसे कम समय (13 दिन) के लिए मुख्यमंत्री राजा नरेश चन्द्र सिंह थे।
- उच्च न्यायालय की स्थापना 1956 मे जबलपुर मे हुआ। खंडपीट इंदौर तथा ग्वालियर मे है।
- मध्य प्रदेश का प्रथम मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मोहम्म्द हिदायतुल्लाह थे।
- मध्य प्रदेश का प्रथम महिला मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्रीमति सरोजनी सक्सेना थी।
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल 26 जनवरी 1972 को जिला बनाया गया।
- मध्य प्रदेश मे 29 लोक सभा, 11 राज्यसभा तथा 230 विधानसभा सीटे है।
- इंदौर के पास पीठमपुर में बडी संख्या में मोटर वाहन उद्योग स्थापित हुए है।
- राज्य में सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख उद्योग है - भोपाल में 'भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लि.', होशंगाबाद में 'सिक्योरिटी पेपर मिल', देवास में नोट छापने की प्रेस, नेपानगर में अख़बारी काग़ज़ की मिल और नीमच की अल्कालॉयड फैक्ट्री।
- पीठमपुर में जल्दी ही एक मालवाहक विमान परिसर स्थापित किया जा रहा है।
- सागर ज़िले के बीना में काफ़ी समय से लंबित 10,300 करोड़ रुपये की लागत वाली ओमान बीना तेलशोधक परियोजना तैयार है।
- भारत सरकार ने धार ज़िले के पीठमपुर में एक राष्ट्रीय ऑटोमोटिव परीक्षण, अनुसंधान तथा विकास परियोजना को मंजूरी दे दी है।
- मध्य प्रदेश ग्रामीण रोजगार योजना 18 ज़िलों में लागू की गई है। इस योजना को लागू करने में मध्य प्रदेश प्रथम पर है।
- पंचमढ़ी का अद्भुत सौंदर्य, मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है।
- लिंग अनुपात 1,000 : 930
- साक्षरता 70.6% है जो जबलपुर मे सर्वाधिक 82.5%(followed by indore 82.2% & bhopal 82.2%) है जनसख्या घनत्व = 236/km पुरुष साक्षरता = 80.5% महिला साक्षरता = 60.0%
- वर्ष 2011 में हुई जनगणना में शिशु लिंगानुपात 1,000 पर 912 था।
- मध्य प्रदेश की जनसंख्या 6,03,48,023 से बढ़कर 7,25,97,565 हो गई है। इसमें पुरुषों की आबादी 3,76,12,920 और महिलाओं की संख्या 3,49,84,645 है।
- 10 वर्षों मे प्रदेश की जनसंख्या में लगभग 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। प्रदेश की जनसंख्या देश का छह प्रतिशत है।
- मानसिक चिकित्सालय इंदौर मे है।
- भोपाल एवं राजनादगांव को जिला 26 जनवरी 1972 मे बनाया गया।
- 1 नवंबर 1956 को राजस्थान के कोटा जिले की सिरोंज तहसील को मध्य प्रदेश मे सम्मिलित किया गया था।
- सहरिया जनजाति, गुना और शिवपुरी के निकटवर्ती शहरो मे पाई जाती है।
- मोटर गाड़ी उद्योग पीथमपुर(धार) मे है।
- मध्य प्रदेश राज्य वन निगम की स्थापना 1975 मे हुई।
- मध्य प्रदेश का प्रथम वन राजिक महाविद्यालय बालाघाट मे है।
- मध्यप्रदेश की सबसे ऊंची चोटी धूपगढ़ है। यह सतपुड़ा मैकेल की श्रेणी मे स्थित है।
- भोपाल की औद्योगिक दुर्घटना मे मिथाइल आइसोसायनाइट गैस रिसी थी।
- ओपेन विश्वविद्यालय भोपाल मे है।
- मध्य प्रदेश का पिन कोड 4 अंक से सुरू होता है।
बुधवार, 13 जून 2012
मंगलवार, 12 जून 2012
वैदिक सभ्यता
वैदिक
सभ्यता
Ø
वैदिक काल को दो भागो मे बाटा गया है –
-ऋग्वैदिक
काल 1500 से 1000 ई॰ पू॰
-उत्तर
वैदिक काल 1000 से 600 ई॰ पू॰
Ø
भारत आने के पश्चात आर्य सर्वप्रथम पंजाब एवं अफगानिस्तान (सप्त सैन्धव
प्रदेश) मे बसे थे।
Ø
यह एक ग्रामीण सभ्यता थी।
Ø
कर्म के आधार पर ऋग्वैदिक समाज चार वर्ण – ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य तथा शूद्र मे विभाजित था।
इसका ज्ञान ऋग्वेद के 10 वें मण्डल से होता है।
Ø
ऋग्वेद के 7 वें मण्डल से दसराज्ञ युद्द का ज्ञान होता है, यह युद्द रावी नदी के तट पर
सूरदास ने दस जनों को हराया था।
Ø
आर्यों का समाज पित्रप्रधान था।
Ø
परिवार या कुल के मुखिया को कुलप कहा जाता था।
Ø
वनस्पति से बना सोम रस आर्यों का मुख्य पेय पदार्थ था।
Ø
घोडा आर्यों का प्रिय पशु था।
Ø
लोहित अयस तांबे को कहा जाता था।
Ø
सत्यमेवजयते मुंडकोपनिश्द से लिया गया है।
Ø
सांख्य दर्शन का प्रवर्तक कपिल था।
Ø
योग दर्शन का प्रवर्तक पंतयजली था।
Ø
वैशेषिक दर्शन का प्रवर्तक कनाड था।
Ø
न्याय दर्शन का प्रवर्तक गौतम था।
Ø
पूर्व मीमांसा दर्शन का प्रवर्तक जैमिनी था।
Ø
उत्तर मीमांसा दर्शन का प्रवर्तक बादरायण (व्यास)
था।
Ø
उपनिषद 108, पुराण 18
शनिवार, 9 जून 2012
Human Blood
आपके ब्लड के बारे मे
- ब्लड का ph मान 7.34 से 7.45 होता है।
- ब्लड ग्रुप O + को यूनिवर्सल डोनर कहा जाता है।
- ब्लड ग्रुप AB + को यूनिवर्सल ग्राही (recipient) कहा जाता है।
- हीमोग्लोबिन की औसत मात्रा :-
- पुरुष मे 13-16 g/dl
- महिला मे 11.5-14 g/dl
- WBCs की संख्या 5000-10000 / cu mm
- सबसे छोटी WBC लिम्फोसाइट
- सबसे बड़ी WBC मोनोसाइट
- RBCs का जीवन काल 120 दिन
- WBC का जीवन काल 2-5 दिन
- ब्लड का थक्का बनाने का समय 3-6 दिन
- सामान्य ब्लड प्रेसर 120 / 80 Hg
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