सोमवार, 5 नवंबर 2012

हिन्दी व्याकरण


वर्णमाला
संस्कृत में हर अक्षर, स्वर और व्यंजन के संयोग से बनता है, जैसे कि “क” याने क् (हलन्त) अधिक अ । “स्वर” सूर/लय सूचक है, और “व्यंजन” शृंगार सूचक ।

संस्कृत वर्णॅ-माला में 13 स्वर, 33 व्यंजन और 2 स्वराश्रित ऐसे कुल मिलाकर के 49 वर्ण हैं । स्वर को ‘अच्’ और ब्यंजन को ‘हल्’ कहते हैं ।
अच् – 14
हल् – 33
स्वराश्रित – 2
14 स्वरों में से 5 शुद्ध स्वर हैं; अ, इ, उ, ऋ, लृ
और 9 अन्य स्वर: आ, ई, ऊ, ऋ, लृ, ए, ऐ, ओ, औ
मुख के अंदर स्थान-स्थान पर हवा को दबाने से भिन्न-भिन्न वर्णों का उच्चारण होता है । मुख के अंदर पाँच विभाग हैं, जिनको स्थान कहते हैं । इन पाँच विभागों में से प्रत्येक विभाग में एक-एक स्वर उत्पन्न होता है, ये ही पाँच शुद्ध स्वर कहलाते हैं । स्वर उसको कहते हैं, जो एक ही आवाज में बहुत देर तक बोला जा सके ।

33 व्यंजनों में 25 वर्ण, वर्गीय वर्ण हैं याने कि वे पाँच–पाँच वर्णों के वर्ग में विभाजित किये हुए हैं । बाकी के 8 व्यंजन विशिष्ट व्यंजन हैं, क्यों कि वे वर्ग़ीय व्यंजन की तरह किसी एक वर्ग में नहीं बैठ सकतें । वर्गीय व्यंजनों का विभाजन उनके उच्चारण की समानता के अनुसार किया गया है ।

*  कंठ से आनेवाले वर्ण “कंठव्य” कहलाते हैं उ.दा. क, ख, ग, घ
*  तालु की मदत से होनेवाले उच्चार “तालव्य” कहलाते हैं उ.दा. च, छ, ज, झ
*  ‘मूर्धा’ से (कंठ के थोडे उपर का स्थान) होनेवाले उच्चार “मूर्धन्य” हैं उ.दा. ट, ठ, ड, ढ, ण
*  दांत की मदत से बोले जानेवाले वर्ण “दंतव्य” हैं उ.दा. त, थ, द, ध, न; औ
*  होठों से बोले जानेवाले वर्ण “ओष्ठव्य” कहे जाते हैं उ.दा. प, फ, ब, भ, म

कंठव्य / ‘क’ वर्ग –   क्   ख्   ग्   घ्   ङ्
तालव्य / ‘च’ वर्ग –  च्  छ्   ज्  झ्  ञ्
मूर्धन्य / ‘ट’ वर्ग –   ट्  ठ्  ड्  ढ्  ण्
दंतव्य / ‘त’ वर्ग –   त्  थ्  द्  ध्  न्
ओष्ठव्य / ‘प’ वर्ग –   प्  फ्  ब्  भ्  म्
विशिष्ट व्यंजन -      य्  व्  र्    ल्  श्  ष्   स्   ह्

स्वर और व्यंजन के अलावा “ं” (अनुस्वार), और ‘ः’ (विसर्ग) ये दो ‘स्वराश्रित’ कहे जाते हैं, और इनके उच्चार कुछ खास नियमों से चलते हैं जो आगे दिये गये हैं ।

इन 49 वर्णों को छोडकर, और भी कुछ वर्ण सामान्य तौर पे प्रयुक्त होते हैं जैसे कि त्र, क्ष, ज्ञ, श्र इत्यादि । पर ये सब किसी न किसी व्यंजनों के संयोग से बने गये होने से उनका अलग अस्तित्व नहि है; और इन्हें संयुक्त वर्ण भी कहा जा सकता है ।

‘य’, ‘व’, ‘र’, और ‘ल’ ये विशिष्ट वर्ण हैं क्यों कि स्वर-जन्य (स्वरों से बने हुए) हैं, ये अन्तःस्थ व्यञ्जन भी कहे जाते हैं । देखिए:
इ / ई + अ = य (तालव्य)
उ / ऊ + अ = व (दंतव्य तथा ओष्ठव्य)
ऋ / ऋ + अ = र (मूर्धन्य)
लृ / लृ + अ = ल (दंतव्य)

इनके अलावा ‘श’, ‘ष’, और ‘स’ के उच्चारों में बहुधा अशुद्धि पायी जाती है । इनके उच्चार स्थान अगर ध्यान में रहे, तो उनका उच्चारण काफी हद तक सुधारा जा सकता है ।
श = तालव्य
ष = मूर्धन्य
स = दंतव्य
ह = कण्ठ्य
ये चारों ऊष्म व्यंजन होने से विशिष्ट माने गये हैं ।


बुधवार, 15 अगस्त 2012

वैदिक गणित (Vedic Maths)

 एकन्यूनेन पूर्वेन विधि (Eknunen Purven method)
          


  1.  इस विधि का उपयोग 9,  99, 999,................................ आदि संख्यों का वर्ग निकालने के लिए किया जाता है।
  2. ऊपर दी गई संख्यों का वर्ग निकालने के सबसे पहले बायी ओर (Left Hand Side)  के लिये संख्या का एक न्यूनेन अर्थात एक पहली वाली संख्या लिखते है - जैसे :- 9 के लिए 8,   99 के लिए 98,  999 के लिए 998
  3. दायी ओर (Right Hand Side) के लिये दी गई  संख्या तथा उस संख्या का एक न्यूनेन का अंतर लेते है  जैसे :-   9 के लिए  9 - 8 = 1,   99 के लिए 99 - 98 = 01,  999 के लिए 999 - 998 = 001 
                                            (संख्या )²  =                  संख्या X  संख्या  
                                                             =    एक न्यूनेन ।  संख्या  -  एक न्यूनेन
उदाहरण
         (1.) 999 ² = 999 X 999
                         = 998 999 - 998
                         = 998 001
          Ans. 999 ²  = 998001

          (2.) 9 ² = 9 X 9
                         = 8 9 - 8
                         = 8 1
          Ans. 9 ²  = 81

            (3.) 99 ² = 99 X 99
                         = 98 99 - 98
                         = 98 01
          Ans. 999 ²  = 9801  




सोमवार, 18 जून 2012

मध्य प्रदेश एक दृष्टि में


  • भौगोलिक स्थिति 21° 6 ' उत्तरी अक्षांश से 26° 54 ' उत्तरी अक्षांश तथा 74° पूर्वी देशांतर से 82° 47' पूर्वी देशांतर तक है।
  • लंबाई पूर्व से पश्चिम 870 km तथा चौड़ाई उत्तर से दक्षिण 605 km तथा क्षेत्रफल 308,245 हजार वर्ग km, 
  • भारत के क्षेत्रफल का 9.38%, तथा  क्षेत्रफल की दृष्टि मे देश मे दूसरा बड़ा राज्य।
  • सीमा 5 राज्य - उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र तथा छत्तीसगढ़ से घिरा हुआ है।
  • भू-वैज्ञानिक दृष्टि से यह गोंडवानालैंड भू-श्रंखला का भाग है। 
  • राज्य वृक्ष - " बरगद (वट या बड़) ", राज्य पशु -" बारहसिंगा " तथा राज्य पक्षी- " दूधराज " है।
  • चम्बल को डाकुओं की शरणस्थली कहा जाता है।
  • शिवपुरी तथा बामौर मे खैर से कत्था बनाने का कारख़ाना है।
  • चंदेरी नगर जरी उद्योग के लिए प्रसिद्ध है।
  • पन्ना जिला हीरा के लिए प्रसिद्ध है।
  • रीवा मे कत्था, सतना मे सीमेंट बनाने का कारख़ाना है।
  • शहडोल जिले का बांधवगढ़ बघेलों की राजधानी थी।
  • सागर छतरपुर में यूरेनियम मिलने की संभावना है।
  • छिंदवाड़ा मे भिलावा से स्याही बनाने का कारख़ाना है।
  • उमरिया मे लाख बनाने का शासकीय कारख़ाना है।
  • ग्वालियर मे दियासलाई ( माचिस ) बनाने का कारख़ाना है।
  • लकड़ी चिराई उद्योग का प्रमुख केंद्र जबलपुर है।
  • सोयाबीन राज्य मध्य प्रदेश को कहते है, सबसे ज्यादा सोयाबीन का उत्पादन उज्जैन मे होता है।
  • मंदसौर देश मे प्रथम अफीम उत्पादक जिला है।
  • खंडवा राज्य का एक मात्र गाँजा उत्पादक क्षेत्र है। 
  • मध्य प्रदेश का स्थापना 1 नवम्बर 1956 को हुआ अतः 1 नवम्बर को प्रतिवर्ष मध्य प्रदेश दिवश मनाया जाता है। 
  • मध्य प्रदेश का पुनर्गठन सैयद फजल अली की अध्यक्षता मे राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफ़ारिश पर किया गया। 
  • 1 नवम्बर 2000 को छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश से अलग हुआ।
  • मध्य प्रदेश का प्रथम राज्यपाल पट्टाभिसीतारमैया  थे।
  • प्रथम मुख्यमंत्री पं. रविशंकर शुक्ल, प्रथम विधानसभा अध्यक्ष पं. कुंजीलाल, प्रथम विधानसभा उपाध्यक्ष विषाणु विनायक सरवटे। 
  • सबसे लंबे समय तक के लिए मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह तथा सबसे कम समय (13 दिन) के लिए मुख्यमंत्री राजा नरेश चन्द्र सिंह थे। 
  • उच्च न्यायालय की स्थापना 1956 मे जबलपुर मे हुआ। खंडपीट इंदौर तथा ग्वालियर मे है। 
  • मध्य प्रदेश का प्रथम मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मोहम्म्द हिदायतुल्लाह थे।  
  • मध्य प्रदेश का प्रथम महिला मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्रीमति सरोजनी सक्सेना थी। 
  • मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल 26 जनवरी 1972 को जिला बनाया गया। 
  • मध्य प्रदेश मे 29 लोक सभा, 11 राज्यसभा तथा 230 विधानसभा सीटे है।   
  •  इंदौर के पास पीठमपुर में बडी संख्‍या में मोटर वाहन उद्योग स्‍थापित हुए है।
  • राज्‍य में सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख उद्योग है - भोपाल में 'भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्‍स लि.', होशंगाबाद में 'सिक्‍योरिटी पेपर मिल', देवास में नोट छापने की प्रेस, नेपानगर में अख़बारी काग़ज़ की मिल और नीमच की अल्‍कालॉयड फैक्‍ट्री।
  • पीठमपुर में जल्‍दी ही एक मालवाहक विमान परिसर स्‍थापित किया जा रहा है।
  • सागर ज़िले के बीना में काफ़ी समय से लंबित 10,300 करोड़ रुपये की लागत वाली ओमान बीना तेलशोधक परियोजना तैयार है।
  • भारत सरकार ने धार ज़िले के पीठमपुर में एक राष्‍ट्रीय ऑटोमोटिव परीक्षण, अनुसंधान तथा विकास परियोजना को मंजूरी दे दी है।
  • मध्‍य प्रदेश ग्रामीण रोजगार योजना 18 ज़िलों में लागू की गई है। इस योजना को लागू करने में मध्‍य प्रदेश प्रथम पर है।
  • पंचमढ़ी का अद्भुत सौंदर्य, मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है।
  • लिंग अनुपात 1,000 : 930 
  • साक्षरता 70.6% है जो जबलपुर मे सर्वाधिक 82.5%(followed by indore 82.2% & bhopal 82.2%) है जनसख्या घनत्व = 236/km पुरुष साक्षरता = 80.5% महिला साक्षरता = 60.0%
  • वर्ष 2011 में हुई जनगणना में शिशु लिंगानुपात 1,000 पर 912 था।
  • मध्य प्रदेश की जनसंख्या 6,03,48,023 से बढ़कर 7,25,97,565 हो गई है। इसमें पुरुषों की आबादी 3,76,12,920 और महिलाओं की संख्या 3,49,84,645 है।
  • 10 वर्षों मे प्रदेश की जनसंख्या में लगभग 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। प्रदेश की जनसंख्या देश का छह प्रतिशत है।
  • मानसिक चिकित्सालय इंदौर मे है।
  • भोपाल एवं राजनादगांव को जिला 26 जनवरी 1972 मे बनाया गया। 
  • 1 नवंबर 1956 को राजस्थान के कोटा जिले की सिरोंज तहसील को मध्य प्रदेश मे सम्मिलित किया गया था।
  • सहरिया जनजाति, गुना और शिवपुरी के निकटवर्ती शहरो मे पाई जाती है।
  • मोटर गाड़ी उद्योग पीथमपुर(धार) मे है।
  • मध्य प्रदेश राज्य वन निगम की स्थापना 1975 मे हुई।
  • मध्य प्रदेश का प्रथम वन राजिक महाविद्यालय बालाघाट मे है।
  • मध्यप्रदेश की सबसे ऊंची चोटी धूपगढ़ है। यह सतपुड़ा मैकेल की श्रेणी मे स्थित है।
  • भोपाल की औद्योगिक दुर्घटना मे मिथाइल आइसोसायनाइट गैस रिसी थी।
  • ओपेन विश्वविद्यालय भोपाल मे है।
  • मध्य प्रदेश का पिन कोड 4 अंक से सुरू होता है।

मंगलवार, 12 जून 2012

वैदिक सभ्यता


वैदिक सभ्यता
                                                           

Ø      वैदिक काल को दो भागो मे बाटा गया है
                                    -ऋग्वैदिक काल 1500 से 1000 ई॰ पू॰
                                    -उत्तर वैदिक काल 1000 से 600 ई॰ पू॰
Ø      भारत आने के पश्चात आर्य सर्वप्रथम पंजाब एवं अफगानिस्तान (सप्त सैन्धव    प्रदेश) मे बसे थे।
Ø      यह एक ग्रामीण सभ्यता थी।
Ø      कर्म के आधार पर ऋग्वैदिक समाज चार वर्ण ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य तथा शूद्र मे विभाजित था। इसका ज्ञान ऋग्वेद के 10 वें मण्डल से होता है।
Ø      ऋग्वेद के 7 वें मण्डल से दसराज्ञ युद्द का ज्ञान होता है, यह युद्द रावी नदी के तट पर सूरदास ने दस जनों को हराया था।
Ø      आर्यों का समाज पित्रप्रधान था।
Ø      परिवार या कुल के मुखिया को कुलप कहा जाता था।
Ø      वनस्पति से बना सोम रस आर्यों का मुख्य पेय पदार्थ था।
Ø      घोडा आर्यों का प्रिय पशु था।
Ø      लोहित अयस तांबे को कहा जाता था।
Ø      सत्यमेवजयते मुंडकोपनिश्द से लिया गया है।
Ø      सांख्य दर्शन का प्रवर्तक कपिल था।
Ø      योग दर्शन का प्रवर्तक पंतयजली था।
Ø      वैशेषिक दर्शन का प्रवर्तक कनाड था।
Ø      न्याय दर्शन का प्रवर्तक गौतम था।
Ø      पूर्व मीमांसा दर्शन का प्रवर्तक जैमिनी था।
Ø      उत्तर मीमांसा दर्शन का प्रवर्तक बादरायण (व्यास) था।
Ø      उपनिषद 108, पुराण 18

शनिवार, 9 जून 2012

Human Blood

                                                       आपके ब्लड के बारे मे  






  • ब्लड का ph मान 7.34 से 7.45 होता है।
  • ब्लड ग्रुप O + को यूनिवर्सल डोनर कहा जाता है। 
  • ब्लड ग्रुप AB + को यूनिवर्सल ग्राही (recipient) कहा जाता है।
  • हीमोग्लोबिन की औसत मात्रा :- 
                                             -  पुरुष मे 13-16 g/dl
                                                                       - महिला मे 11.5-14 g/dl
  •  WBCs की संख्या 5000-10000 / cu mm 
  • सबसे छोटी WBC लिम्फोसाइट 
  • सबसे बड़ी WBC मोनोसाइट 
  • RBCs का जीवन काल 120 दिन 
  • WBC का जीवन काल 2-5 दिन  
  • ब्लड का थक्का बनाने का समय 3-6 दिन
  • सामान्य ब्लड प्रेसर 120 / 80 Hg